Wash trades and 5,000% gains put Indonesia's MSCI standing at risk
جعلی تجارت اور 5,000 فیصد منافع نے انڈونیشیا کی ایم ایس سی آئی حیثیت کو خطرے میں ڈال دیا
फ़र्ज़ी सौदों और 5,000% मुनाफ़े ने इंडोनेशिया की MSCI स्थिति को खतरे में डाल दिया
Key points
اہم نکات
मुख्य बातें
- A Bloomberg investigation has described how wash trades in Indonesia artificially inflated trading volume and prices, producing paper gains reported as high as 5,000 percent, and putting the country's standing in global stock indexes at risk.
- Wash trades are deals in which the same party effectively trades with itself, creating the appearance of busy, rising markets without real demand.
- The episode has drawn regulatory attention and a crackdown on so-called 'gorengan' shares, while index provider MSCI has warned that Indonesia could be reclassified as a standalone market instead of an emerging market, a move that could force benchmark-tracking funds to sell.
- بلومبرگ کی ایک تحقیق میں بتایا گیا ہے کہ انڈونیشیا میں جعلی تجارت نے تجارتی حجم اور قیمتیں مصنوعی طور پر بڑھا دیں، جس سے 5,000 فیصد تک کاغذی منافع ظاہر ہوا، اور ملک کی عالمی اسٹاک انڈیکس میں حیثیت خطرے میں پڑ گئی۔ جعلی تجارت میں دراصل ایک ہی فریق خود سے سودا کرتا ہے، جس سے مصروف اور بڑھتی ہوئی مارکیٹ کا تاثر پیدا ہوتا ہے، حالانکہ حقیقی طلب نہیں ہوتی۔ اس معاملے نے ریگولیٹرز کی توجہ حاصل کی ہے اور 'گورینگن' شیئرز کے خلاف کارروائی شروع ہوئی ہے، جبکہ انڈیکس فراہم کرنے والی کمپنی ایم ایس سی آئی نے خبردار کیا ہے کہ انڈونیشیا کو ابھرتی ہوئی مارکیٹ کے بجائے الگ مارکیٹ قرار دیا جا سکتا ہے، جس سے بینچ مارک کی پیروی کرنے والے فنڈز کو فروخت پر مجبور ہونا پڑ سکتا ہے۔ انڈونیشیا کی اسٹاک ایکسچینج بھی اپنے قواعد سخت کر رہی ہے، جن میں 2 نومبر سے زیادہ مرکوز ملکیت والے شیئرز کو بینچ مارک سے نکالنا شامل ہے، جبکہ غیر ملکی سرمایہ کار اس سال پہلے ہی اربوں ڈالر نکال چکے ہیں۔
- ब्लूमबर्ग की एक जांच में बताया गया है कि इंडोनेशिया में फ़र्ज़ी सौदों ने व्यापार की मात्रा और कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ा दीं, जिससे 5,000 प्रतिशत तक काग़ज़ी मुनाफ़ा दिखा, और देश की वैश्विक शेयर सूचकांकों में स्थिति खतरे में पड़ गई। फ़र्ज़ी सौदों में दरअसल एक ही पक्ष स्वयं से सौदा करता है, जिससे व्यस्त और बढ़ती हुई बाज़ार का भ्रम पैदा होता है, जबकि वास्तविक मांग नहीं होती। इस मामले ने नियामकों का ध्यान खींचा है और 'गोरेंगन' शेयरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है, जबकि सूचकांक प्रदाता MSCI ने चेतावनी दी है कि इंडोनेशिया को उभरती हुई बाज़ार के बजाय अलग बाज़ार घोषित किया जा सकता है, जिससे बेंचमार्क का पालन करने वाले फंडों को बिक्री पर मजबूर होना पड़ सकता है। इंडोनेशिया का शेयर बाज़ार भी अपने नियम सख्त कर रहा है, जिनमें 2 नवंबर से अत्यधिक केंद्रित स्वामित्व वाले शेयरों को बेंचमार्क से निकालना शामिल है, जबकि विदेशी निवेशक इस साल पहले ही अरबों डॉलर निकाल चुके हैं।
A Bloomberg investigation has described how wash trades in Indonesia artificially inflated trading volume and prices, producing paper gains reported as high as 5,000 percent, and putting the country's standing in global stock indexes at risk. Wash trades are deals in which the same party effectively trades with itself, creating the appearance of busy, rising markets without real demand. The episode has drawn regulatory attention and a crackdown on so-called 'gorengan' shares, while index provider MSCI has warned that Indonesia could be reclassified as a standalone market instead of an emerging market, a move that could force benchmark-tracking funds to sell. Indonesia's stock exchange is also tightening its rules, including excluding stocks with highly concentrated ownership from its benchmark from November 2, as foreign investors have already pulled billions of dollars from Indonesian shares this year.
بلومبرگ کی ایک تحقیق میں بتایا گیا ہے کہ انڈونیشیا میں جعلی تجارت نے تجارتی حجم اور قیمتیں مصنوعی طور پر بڑھا دیں، جس سے 5,000 فیصد تک کاغذی منافع ظاہر ہوا، اور ملک کی عالمی اسٹاک انڈیکس میں حیثیت خطرے میں پڑ گئی۔ جعلی تجارت میں دراصل ایک ہی فریق خود سے سودا کرتا ہے، جس سے مصروف اور بڑھتی ہوئی مارکیٹ کا تاثر پیدا ہوتا ہے، حالانکہ حقیقی طلب نہیں ہوتی۔ اس معاملے نے ریگولیٹرز کی توجہ حاصل کی ہے اور 'گورینگن' شیئرز کے خلاف کارروائی شروع ہوئی ہے، جبکہ انڈیکس فراہم کرنے والی کمپنی ایم ایس سی آئی نے خبردار کیا ہے کہ انڈونیشیا کو ابھرتی ہوئی مارکیٹ کے بجائے الگ مارکیٹ قرار دیا جا سکتا ہے، جس سے بینچ مارک کی پیروی کرنے والے فنڈز کو فروخت پر مجبور ہونا پڑ سکتا ہے۔ انڈونیشیا کی اسٹاک ایکسچینج بھی اپنے قواعد سخت کر رہی ہے، جن میں 2 نومبر سے زیادہ مرکوز ملکیت والے شیئرز کو بینچ مارک سے نکالنا شامل ہے، جبکہ غیر ملکی سرمایہ کار اس سال پہلے ہی اربوں ڈالر نکال چکے ہیں۔
ब्लूमबर्ग की एक जांच में बताया गया है कि इंडोनेशिया में फ़र्ज़ी सौदों ने व्यापार की मात्रा और कीमतें कृत्रिम रूप से बढ़ा दीं, जिससे 5,000 प्रतिशत तक काग़ज़ी मुनाफ़ा दिखा, और देश की वैश्विक शेयर सूचकांकों में स्थिति खतरे में पड़ गई। फ़र्ज़ी सौदों में दरअसल एक ही पक्ष स्वयं से सौदा करता है, जिससे व्यस्त और बढ़ती हुई बाज़ार का भ्रम पैदा होता है, जबकि वास्तविक मांग नहीं होती। इस मामले ने नियामकों का ध्यान खींचा है और 'गोरेंगन' शेयरों के खिलाफ कार्रवाई शुरू हुई है, जबकि सूचकांक प्रदाता MSCI ने चेतावनी दी है कि इंडोनेशिया को उभरती हुई बाज़ार के बजाय अलग बाज़ार घोषित किया जा सकता है, जिससे बेंचमार्क का पालन करने वाले फंडों को बिक्री पर मजबूर होना पड़ सकता है। इंडोनेशिया का शेयर बाज़ार भी अपने नियम सख्त कर रहा है, जिनमें 2 नवंबर से अत्यधिक केंद्रित स्वामित्व वाले शेयरों को बेंचमार्क से निकालना शामिल है, जबकि विदेशी निवेशक इस साल पहले ही अरबों डॉलर निकाल चुके हैं।
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